आत्मा को अत्यन्त सुन्दर, शुद्ध चैतन्यस्वरूप सुन लेने पर भी यदि मनुष्य इन्द्रिय-भोगों में अत्यधिक आसक्त रहता है, तो उसका मन मलिन (अशुद्ध) हो जाता है।
quote status3 months
आत्मा को अत्यन्त सुन्दर, शुद्ध चैतन्यस्वरूप सुन लेने पर भी यदि मनुष्य इन्द्रिय-भोगों में अत्यधिक आसक्त रहता है, तो उसका मन मलिन (अशुद्ध) हो जाता है।
Bharoselal Kushwaha
View profile
87 views4 downloads







